नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2021: New Education Policy PDF, नई शिक्षा नीति

जैसे कि आप सभी लोग जानते हैं हाल ही में मानव संसाधन प्रबंधन मंत्रालय ने एजुकेशन पॉलिसी में कई बदलाव किये गए है। यह बदलाव इसरो के प्रमुख डॉक्टर कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में किया गया है। आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से नेशनल एजुकेशन पालिसी से संबंधित सभी  जानकारी प्रदान करने जा रहे हैं। इसी के साथ हम आपको नेशनल एजुकेशन पॉलिसी का उद्देश्य बताएंगे और नेशनल एजुकेशन पालिसी 2021 की विशेषताएं बताएंगे। हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से एजुकेशन पॉलिसी में होने वाले बदलाव के बारे में भी बताएंगे। यदि आप National Education Policy से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी को प्राप्त करना चाहते हैं तो आपसे निवेदन है कि आप हमारे इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी क्या है ?

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत स्कूलों और कॉलेजों में होने वाली शिक्षा की नीति तैयार की जाती है। भारत सरकार ने नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2021 की शुरुआत की है। जिसके द्वारा सरकार ने एजुकेशन पॉलिसी में काफी सारे ऐसे मुख्य बदलाव भी किए हैं। नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के माध्यम से भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाना है। अब मानव संसाधन प्रबंधन मंत्रालय को शिक्षा मंत्रालय के नाम से जाना जाएगा। नेशनल एजुकेशन पालिसी के तहत 2030 तक स्कूली शिक्षा में 100% जी ई आर के साथ पूर्व विद्यालय से माध्यमिक विद्यालय तक शिक्षा का सार्वभौमीकरण किया जाएगा (Medical and law studies not included) पहले 10+2 का पैटर्न के अनुसार किया जाता था परंतु अब नई शिक्षा नीति के तहत 5+3+3+4 का पैटर्न के अनुसार किया जाएगा। यह National Education Policy 2014 के आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का घोषणा पत्र में शामिल था।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2021: New Education Policy PDF, नई शिक्षा नीति

पर्सनल एजुकेशन पॉलिसी शिक्षण प्रशिक्षण

सन 2020 में नयी एजुकेशन पॉलिसी लागु की गई है | इस एजुकेशन पॉलिसी को सरकार के अंतर्गत शिक्षा प्रणाली को पूरी तरह से बदल दिया है जिसकी वजह से छात्रों का विकास हो सके | 7 जनवरी 2021 को शिक्षा मंत्री श्री रमेश पोखरियाल ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी को सफलतापूर्वक कार्यान्वयन के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए गए है | नेशनल एजुकेशन पॉलिसी से हमारे देश के बच्चो का भविष्य उज्जवल बनेगा | इस पॉलिसी में मातृभाषा में शिक्षा दी जाएगी, माध्यमिक स्कूल से कौशल प्रशिक्षण दिया जायेगा और वैश्विक स्तर पर भारतीय शिक्षा प्रणाली को मजबूत बनाया जायेगा | नेशनल एजुकेशन पॉलिसी में कई क्रांतिकारी सुधार है | इससे बच्चो को वैज्ञानिक मिजाज को विकसित किया जायेगा और उन्हें कौशल प्रशिक्षण दिया जायेगा |

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नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति क्या है?

नई शिक्षा नीति में शिक्षकों की गुणवत्ता का स्तर और ऊपर उठाने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। नई स्कूल शिक्षा व्यवस्था में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के रूप में भी बदलाव किये जायेंगे | अभी तक टीईटी परीक्षा को दो हिस्सों में बांटी हुई थी – पार्ट 1 और पार्ट 2। लेकिन अब स्कूली शिक्षा व्यवस्था का स्ट्रक्चर चार हिस्सों में बंटा होगा  –  फाउंडेशन, प्रीपेरेटरी, मिडल और सेकेंडरी। इस के आधार पर ही टीईटी का पैटर्न भी सेट किया जाएगा। विषय शिक्षकों की भर्ती के समय टीईटी या उससे संबंधित सब्जेक्ट में एनटीए टेस्ट स्कोर भी चेक किया जा सकता है। सभी विषयों की परीक्षाएं और एक कॉमन एप्टीट्यूट टेस्ट का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) करेगा।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2021 पर प्रधानमंत्री का देश को संबोधन

  • 7 अगस्त 2020 को हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी पर देश को संबोधित किया।
  • अपने संबोधन में प्रधानमंत्री जी ने नेशनल एजुकेशन पालिसी के मुख्य तथ्य की चर्चा की गई।
  • छात्रों को अपनी क्रिएटिव थिंकिंग को डेवेलोप करने की आवश्यकता है।
  • प्रधानमंत्री जी ने यह भी कहा कि अब हम ऐसे युग में प्रवेश करने जा रहे हैं जहां एक इंसान कोई एक प्रोफेशन अपनी पूरी जिंदगी फॉलो नहीं करेगा तो यह नई शिक्षा नीति इस बात को ध्यान में रखते हुए भी शरुआत की गई है।
  • इस नई शिक्षा नीति के माध्यम से विधार्थी यो को अपने पैशन को फॉलो करने का एक अवसर प्रदान किया जाएगा।
  • कक्षा 5 तक क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाए जाने का प्रावधान इस नई शिक्षा नीति में शामिल किया गया है।
  • इस के संबोधन में प्रधानमंत्री जी ने होर्डे मेंटालिटी का भी जिक्र किया।
  • प्रदानमंत्री जी ने कहा कि छात्रों को अपनी इंटरेस्ट, एबिलिटी और डिमांड की मैपिंग करनी चाहिए।
  • प्रधानमंत्री जी ने कहा कि नई शिक्षा नीति नए भारत का आधार बनेगी।
  • नई शिक्षा नीति भारत के विधार्थीयो को ग्लोबल सिटीजन बनाएगी और उसके साथ हि यह नई शिक्षा नीति उन्हें अपनी सभ्यता से भी जोड़ा रखेगी।
  • प्रधानमंत्री जी ने कहा कि अब तक एजुकेशन पॉलिसी व्हाट ऊ थिंक पर फोकस करती थी लेकिन यह नई शिक्षा नीति अब हाउ टु थिंक पर फोकस करेंगी।
  • इस नई एजुकेशन पॉलिसी को इंप्लीमेंट करने के लिए शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों का बहुत बड़ा योगदान होगा। टीचर्स ट्रेनिंग पर भी खास ध्यान देने की बात की गई है।
  • प्रधानमंत्री जी ने अपने संबोधन मेंमल्टीपल एंट्री और एग्जिट के बारे में भी विस्तार पूर्वक समझाया है।

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New National Education Policy 2021

योजना का नामनेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2021
किसके द्वारा लांच की गईभारत सरकार
लाभार्थीभारत के नागरिक
उद्देश्यइस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य शिक्षा का सार्वभौमीकरण करना है तथा भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाना है।
साल2021
स्कीम उपलब्ध है या नहींउपलब्ध
ऑफिशियल वेबसाइटClick Here

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी का उद्देश्य

National Education Policy 2021 का मुख्य उद्देश्य यह है की भारत मैं दी जाने वाली शिक्षा को वैश्विक स्तर पर लाना है। जिससे कि भारत एक वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बन सके। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के माध्यम से शिक्षा का सार्वभौमीकरण किया जाएगा। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी में सरकार के माध्यम से पुरानी एजुकेशन पॉलिसी में काफी सारे संशोधन किए हैं। जिससे कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा और बच्चे अच्छी तरह से शिक्षा प्राप्त कर पाएंगे।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2021: New Education Policy PDF, नई शिक्षा नीति

छात्र की वित्तीय सहायता

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2021 के तहत राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल का विस्तार किया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से बच्चों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। जिससे कि बच्चे पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित हो और उनकी प्रगति हो। प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन को भी प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि वह अपने बच्चों को छात्रवृत्तियां दे सके।

आईआईटी बहू विषयक संस्थान बनाए जाएंगे

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत आईआईटी जैसी इंजीनियरिंग संस्थानों को मानविकी छात्रों के लिए दरवाजे खोलने होंगे। आईआईटी बहुत विषयक शिक्षा की तरफ आगे बढ़ेगा।

विदेशी छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय छात्र कार्यालय

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत सस्ती लागत पर अच्छी शिक्षा प्रदान करने वाला भी एक वैश्विक अध्ययन स्थल के रूप में भारत को बढ़ावा दिया जाएगा। इस योजना के तहत हरेक संस्थान में विदेशी छात्रों की मेजबानी करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय छात्र कार्यालय की स्थापना भी की जाएगी।

नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना

नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना भी करी जाएगी। जिसके माध्यम से शोध की संस्कृति को सक्षम बनाया जाएगा। नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना से भारत में शोधकर्ताओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा। जिससे नई-नई रिसर्च सामने आएंगी जो देश की प्रगति में बहुत आवश्यक साबित होंगी।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत बोर्ड का महत्व

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत बोर्ड परीक्षा का महत्व घटाया गया है। जिससे कि बच्चों के तहत तनाव में कमी आएगी। अब बोर्ड की परीक्षा दो भागों में आयोजित की जाएगी। नई शिक्षा नीति के द्वारा ज्ञान को बढ़ाने पर ज़ोर दिया जाएगा।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी पाठ्यक्रम

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत पाठ्यक्रम को भी कम किया जाएगा केवल इतना ही पाठ्यक्रम वो रखा जाएगा जो सिर्फ अनिवार्य है। इसी के साथ क्रिएटिव थिंकिंग पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। इस योजना के तहत टेक्नोलॉजी के माध्यम से जैसे कि ऑनलाइन बुक, टीवी चैनल, एप आदि से भी पढ़ाई को बढ़ावा दिया जाएगा |

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021: उच्च शिक्षा की मुख्य विशेषताएं

  • मानव संसाधन प्रबंधन मंत्रालय अब शिक्षा मंत्रालय के नाम से जाना जाएगा।
  • भारत के उच्च शिक्षा आयोग और एचईसीआई के अंतर्गत, विनियमन, मान्यता, वित्त पोषण और शैक्षणिक मानक सेटिंग के लिए उच्च शिक्षा का नियामक सिस्टम अलग होगा।
  • पहले 10+2 का पैटर्न के अनुसार किया जाता था परंतु अब नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत 5+3+3+4 का पैटर्न के अनुसार किया जाएगा। जिसमें 12 साल की स्कूली शिक्षा होगी और 3 साल की प्री स्कूली शिक्षा भी शामिल होगी।
  • छठी कक्षा से व्यवसायिक परीक्षण इंटर्नशिप आरंभ कर दी जाएगी।
  • पांचवी कक्षा तक शिक्षा मातृभाषा तथा फिर क्षेत्रीय भाषा में प्रदान की जाएगी।
  • पहले साइंस, कॉमर्स या आर्ट्स स्ट्रीम होती थी। अब ऐसी कोई भी स्ट्रीम नहीं होगी। छात्र अपनी इच्छा के अनुसार कोई विषय चुन सकते हैं। छात्र फिजिक्स के साथ अकाउंट या फिर आर्ट्स का कोई सब्जेक्ट भी पढ़ सकते हैं।
  • HECI के 4 कार्यक्षेत्र राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा नियामक परिषद या HNERC, राष्ट्रीय प्रत्यायन परिषद (NAC), उच्च शिक्षा अनुदान परिषद (HEGC) और सामान्य शिक्षा परिषद (GEC) बनने के लिए है जो आगे चलकर एक राष्ट्रीय शिक्षा योग्यता फ्रेमवर्क बनाएंगे।
  • छात्रों को छठी कक्षा से हि कोडिंग सिखाई जाएगी।
  • विश्वविद्यालयों का नाम स्वामित्व के आधार पर नहीं बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता के आधार पर रखा जायेगा।
  • सभी स्कूल डिजिटल इक्विप्ड किए जाएंगे।
  • वर्चुअल लैब भी डिवेलप की जाएंगी।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी की कुछ मुख्य बातें

  • उच्च शिक्षा के लिए उपयुक्त प्रमाणीकरण के साथ कई प्रविष्ठियां और निकास बिंदु भी होंगे |
  • स्नातक की डिग्री या तो 3 या 4 साल की अवधि की होगी, इस अवधि के भीतर कई एग्जिट विकल्प के साथ, उपयुक्त प्रमाणपत्र के साथ उपलब्ध होंगे, उदाहरण के लिए, व्यावसायिक या अव्यावसायिक क्षेत्रों सहित एक अनुशासन या क्षेत्र में 1 वर्ष पूरा करने के बाद एक प्रमाण पत्र, या 2 के बाद एक डिप्लोमा अध्ययन के वर्षों, या एक 3 साल के कार्यक्रम के बाद स्नातक की डिग्री प्रदान की जाएगी। 4-वर्षीय बहु-विषयक बैचलर प्रोग्राम, हालांकि, पसंदीदा विकल्प होगा।
  • 4 साल की डिग्री प्रोग्राम का करने वाले छात्रों के पास रिसर्च के साथ डिग्री प्राप्त करने का एक विकल्प होगा यदि शोध प्रक्रिया निर्दिष्ट अध्ययन में पूरी हो जाती है।
  • एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट का गठन किया जाएगा जिसमें छात्रों के तहत अर्जित किया गए डिजिटल अकैडमी क्रेडिट हो विभिन्न उच्च शिक्षा संस्थानों के माध्यम से संग्रहित किया जाएगा और इसे अंतिम डिग्री के लिए स्थानांतरित किया जाएगा और गिना भी जाएगा।
  • ईलर्निंग पर फोकस देकर पाठ्य पुस्तकों पर निर्भरता को कम करना भी इस नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी का एक उद्देश्य है।
  • राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए सामान्य प्रवेश परीक्षा की पेशकश भी की जाएगी।
  • भारतीय उच्च शिक्षा आयोग संपूर्ण उच्च शिक्षा के लिए एकमात्र निकाय होगा। (चिकित्सा और कानूनी शिक्षा को छोड़कर)
  • 2030 तक हर जिले में कम से कम एक बड़ी बहु विषयक उच्च शिक्षा संस्थान का निर्माण किया जाएगा।
  • 2040 तक सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को बहू विष्य संस्थान बनाने का लक्ष्य इस नई शिक्षा नीति में रखा गया है।
  • भारतीय उच्च शिक्षा आयोग के पास चार वर्टिकल होंगे जो की नेशनल हायर एजुकेशन रेगुलेटरी काउंसिल, जनरल एजुकेशन काउंसिल, हायर एजुकेशन काउंसिल तथा नेशनल एक्रीडिटेशन काउंसिल होगा।
  • शिक्षा नीति के तहत सरकारी और प्राइवेट शिक्षा मानव एक समान होंगे। और दिव्यांग जनों के लिए शिक्षा में बदलाव किया जाएगा।

नई शिक्षा नीति के लाभ

  • नेशनल एजुकेशन पालिसी को लागू करने के लिए जीडीपी का 6% हिस्सा खर्च किया जाएगा।
  • पढ़ाई में संस्कृत और भारत की अन्य प्राचीन भाषाएं पढ़ने का विकल्प रखा जाएगा। छात्र अगर चाहे तो यह भाषाएं भी पढ़ सकते हैं।
  • हाइर एजुकेशन से एमफिल की डिग्री को खत्म किया जा रहा है।
  • नई शिक्षा नीति के तहत यदि कोई छात्र कोई कोर्स बीच में छोड़कर दूसरे कोर्स में दाखिला लेना चाहता है तो वह पहले कोर्स से निश्चित समय तक ब्रेक ले सकता है और दूसरा कोर्स को जॉइन कर सकता है।
  • बोर्ड परीक्षाओं में भी बदलाव किया जाएगा। ऐसा भी हो सकता है कि साल में दो बार छात्रों के ऊपर से बोझ कम करने के लिए बोर्ड परीक्षाएं ली जाए।
  • पढ़ाई को आसान बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल भी किया जाएगा।
  • एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज को मैन सिलेबस में रखा जाएगा।
  • छात्रों को 3 भाषा सिखाई जाएंगी जो कि हर राज्य अपने स्तर पर निर्धारित करेंगे।
  • इस नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए कई सारे संस्थान स्थापित किए जाएंगे जिससे कि यह पॉलिसी सुचारू रूप से चल पाए।
  • राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के द्वारा स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा तैयार की जाएगी।
  • नई एजुकेशन पॉलिसी के तहत बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके कौशल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

National Education Policy 2021 के चार चरण- शिक्षा नीति 2021 में कितने भाग हैं?

नई शिक्षा नीति को चार चरणों में विभाजित किया गया है जो की मौजूदा 10 + 2 संरचना को 5 + 3 + 3 + 4 संरचना में संशोधित किया जायेगा। संरचना 3 से 18 वर्ष की आयु को कवर करेगी।  3 और 2 वर्षों के मूलभूत स्टेट में प्ले स्कूल और ग्रेड 1 और 2 शामिल होंगे, ग्रेड 3 से 5 में प्रारंभिक चरण, 6 से 8 में मध्य विद्यालय और ग्रेड 9 से 12 तक के माध्यमिक चरण के तहत होंगे। न्यू नेशनल एजुकेशन पॉलिसी को सरकारी तथा प्राइवेट दोनों संस्थानों को फॉलो करना होगा। न्यू नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2021 के चार चरण कुछ इस प्रकार है।

फाउंडेशन स्टेज

फाउंडेशन स्टेज 3 से 8 साल तक के बच्चों के लिए हैं। बहु-स्तरीय खेल गतिविधि आधारित सीखने में 3 साल से लेकर आंगनवाड़ी, प्री-स्कूल या आमतौर पर प्ले स्कूल और किंडर गार्डन कक्षाओं में 3 से 6 वर्ष तक खानपान शामिल हैं। इसके अलावा ग्रेड 1 और 2 तथा कक्षा 1 और 2, 6 से 8 वर्ष की आयु के छात्रों को भी जोड़ा जाएगा। इस प्रकार केजी के प्री-स्कूल के 3 साल और कक्षा 1 और 2 के 2 साल, इसे 5 साल की शिक्षा के अंतर्गत कवर करेंगे। खेल-कूद आधारित और गतिविधि आधारित पाठ्यक्रम द्वारा भाषा कौशल और शिक्षण के विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

प्रिप्रेटरी स्टेज

प्रिप्रट्री स्टेज के अंतर्गत 8 साल से लेकर 11 साल तक के बच्चे आएंगे। जिसमें कक्षा 3 से 5 तक के बच्चे शामिल है। इस स्टेज में बच्चों की भाषा और संख्यात्मक कौशल में विकास करना शिक्षकों का उद्देश्य रहेगा। इस स्टेज में बच्चों को क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाया जाएगा। ग्रेड 5 तक शिक्षा का माध्यम घरेलू भाषा या मातृभाषा या स्थानीय भाषा होगी। सभी छात्रों को तीन भाषाएं सिखाई जाएंगी – और राज्य यह तय करेंगे कि कौन से हैं।

मिडिल स्टेज

मिडिल स्टेज के अंतर्गत कक्षा 6 से 8 तक के बच्चे आएंगे। कक्षा 6 से बच्चों को कोडिंग सिखाई जाएगी और उन्हें व्यवसायिक परीक्षण के साथ-साथ इंटर्नशिप भी प्रदान की जाएगी।

सेकेंडरी स्टेज

सेकेंडरी स्टेज में कक्षा 9 से 12 तक के बच्चे आएंगे। जैसे कि पहले बच्चे साइंस, कॉमर्स तथा आर्ट्स स्ट्रीम लेते थे। परंतु अब यह खत्म कर दिया गया है। अब बच्चे अपनी पसंद का सब्जेक्ट ले सकते हैं। जैसे कि बच्चे साइंस के साथ कॉमर्स का या फिर कॉमर्स के साथ आर्ट्स के भी सब्जेक्ट ले सकते हैं। ध्यान अधिक महत्वपूर्ण सोच और लचीलेपन पर होगा, जिससे बच्चा अपनी रुचि के अनुसार विषयों को चुन सकता है तकनीकी और कला भी।

नई शिक्षा नीति 2021: स्ट्रीम्स

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2021 के तहत छात्रों को अब कोई एक स्ट्रीम नहीं चुननी होगी। अब छात्र आर्ट स्ट्रीम के साथ साइंस स्ट्रीम की भी पढाई कर सकते हैं, साइंस स्ट्रीम के साथ आर्ट्स स्ट्रीम की भी पढाई कर सकते हैं। प्रत्येक विषय को अतिरिक्त पाठ्यक्रम ना मान के पाठ्यक्रम के रूप में देखा जाएगा जिसमें योग, खेल, नृत्य, मूर्तिकला, संगीत आदि भी इसमें शामिल है। एनसीईआरटी पाठ्यक्रमों को राष्ट्रीय पाठ्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार तैयार करेगी। शारीरिक शिक्षा को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। वोकेशनल और एकेडमिक स्ट्रीम को अलग नहीं किया जाएगा जिससे कि छात्रों को दोनों क्षमताओं को विकसित करने का मौका मिले।

B.Ed अब 4 साल का

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत बीएड को 4 साल का कर दिया गया है। 2030 के अंत तक शिक्षक की न्यूनतम योग्यता 4 साल का बी एड प्रोग्राम होगी। सभी स्टैंडअलोन शिक्षण संस्थान जो निर्धारित मानकों का पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वोकेशनल स्टडीज पर फोकस

हमारे देश में वोकेशनल स्टडी सीखने वाले छात्र 5% से भी कम है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा छठी से लेकर कक्षा आठवीं तक के छात्रों को वोकेशनल स्टडीज सीखने पर ध्यान दिया जाएगा। जिसमें बागबानी, लकड़ी का काम, मिट्टी के बर्तन, बिजली का काम आदि शामिल है। 2025 के अंत तक नई शिक्षा नीति के अंतर्गत कम से कम 50% छात्रों को वोकेशनल स्टडीज पढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मातृभाषा या फिर क्षेत्रीय भाषा में शिक्षा

जैसे कि सभी लोग जानते हैं कि बच्चों को यदि उनकी मातृभाषा या फिर क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाया जाए तो वह बात को ज्यादा आसानी से समझ पाएंगे। इसी बात को ध्यान में रखते हुए नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2021 के तहत पांचवी कक्षा तक के बच्चों को उनकी मातृभाषा और फिर क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाने का प्रावधान रखा गया है। अब शिक्षकों को पांचवी कक्षा तक बच्चों को उनकी मातृभाषा और फिर क्षेत्रीय भाषा में शिक्षा प्रदान करनी होगी। पाठ्य पुस्तकों को भी क्षेत्रीय भाषा में उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा और यदि पाठ्यपुस्तक क्षेत्रीय भाषा में उपलब्ध नहीं है तो इस स्थिति में बच्चों और शिक्षक के बीच बातचीत का माध्यम क्षेत्रीय भाषा होगा। कक्षा एक से बच्चों को दो से तीन भाषाएं सिखाई जाएंगी।

शिक्षकों की भर्ती

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2021 के तहत यदि दी गई भाषाओं को बोलने वाले शिक्षकों की कमी है। तो इस स्थिति में विशेष तौर से प्रयास किए जाएंगे की दी गई भाषाओं को बोलने वाले सभी शिक्षकों को भर्ती कि जाए। जिसके द्वारा रिटायर हुए शिक्षकों को भी दोबारा से बुलाया जा सकता है।

विदेशी भाषा सिखाई जाने पर भी जोर

माध्यमिक विद्यालय में बच्चे अपने पसंद की विदेशी भाषा भी सीख सकते हैं। जिसमें फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, चाइनीस, जैपनीज आदि शामिल होंगी। यह सभी प्रयास भारत की शिक्षा को वैश्विक तौर पर पहचान बनाने का एक प्रयास है।

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नेशनल एजुकेशन पालिसी की पीडीऍफ़

Conclusion

हमने आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से न्यू नेशनल एजुकेशन पॉलिसी से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी आपको दी गई है। यह एजुकेशन पॉलिसी सरकार का क्रांतिकारी फैसला है जो कि भविष्य में छात्रों को बहुत लाभदायक साबित होगा। हमें उम्मीद है कि आप नेशनल एजुकेशन पालिसी से संबंधित सभी जानकारी समझ चुके होंगे। यदि National Education Policy में और अपडेट आएगा तो हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से जरूर बताएंगे। आप से निवेदन है कि आप हमारे साथ जुड़े रहे।

 

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